Mukund / Abhimanyu Bhai / Heera Singh, Chitrakoot Aapda Adhyayan Kendra Tulsidas wrote in the Ramcharitmanas: “Hari Ananta Hari Katha Ananta.” If he were alive […]
Read moreAuthor: mukundmitr
चित्रकूट अनंत चित्रकूट कथा अनंताः वो दूध की धारा, आज जो नाला बन गई
मुकुंद/अभिमन्यु भाई/हीरा सिंह, चित्रकूट आपदा अध्ययन केंद्र से ”हरि अनंत हरि कथा अनंता” — यह गोस्वामी तुलसीदास के रामचरितमानस की प्रसिद्ध चौपाई है। आज अगर […]
Read more‘केदार की’ कविताओं में ‘केन’ और बांदा के ‘उत्खनन का ‘आज’
वीरेन्द्र गोयल, सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार विजेता स्मृतिशेष कवि केदारनाथ अग्रवाल की कर्मभूमि बांदा से जो रेत कवि की हथेली में थीबांदा जिले का कोई […]
Read moreबुंदेलखंड में रेत खननः पहाड़ खा गए वो ‘पेट’ और जो नदी खा गई वो ‘मां’
मुकुंद/अभिमन्यु, चित्रकूट आपदा अध्ययन केंद्र से कभी यहां श्मशान था…। अब उसमें मुर्दे नहीं जलते। रेत की बोरियां रखी होती हैं। जिस जमीन पर मनुष्य […]
Read moreगंगा… सीने में जहर और आस्था के कंधे
मुकुंद, चित्रकूट आपदा अध्ययन केंद्र यह एक अभिशप्त नदी ‘ पवित्र मां’ गंगा की कथा है। वही मां— जो करोड़ों लोगों की आस्था के कंधों […]
Read more“हर ‘जल नीति’ में पानी, हर हश्र में सूखा”
मुकुंद/अभिमन्यु, चित्रकूट आपदा अध्ययन केंद्र यह केंद्र की जल नीतियों, उनकी सिफारिशों और उनके कागजी हश्र की शोक पुस्तिका है। 1987 से 2026 — चार […]
Read moreरसिनः कहां गए ‘अस्सी कुआं, चौरासी ताला’
मुकुंद, चित्रकूट आपदा अध्ययन केंद्र एक गांव, जो कभी अपने बच्चों को प्यासा नहीं रखता था और आज पानी की एक बूंद के लिए तरसता […]
Read moreनदी नाद… धरती की जीवन धाराओं का चरम संकट और उद्धार का रास्ता
मुकुंद/अभिमन्यु, चित्रकूट आपदा अध्ययन केंद्र एक बूढ़ी दादी अपने गांव की नदी के किनारे बैठी है। उसकी आंखें सूखी हैं और पास की नदी भी। […]
Read moreचित्रकूट करे न्याय की गुहार
मुकुंद/अभिमन्यु, चित्रकूट आपदा अध्ययन केंद्र पौराणिक ग्रंथों में चित्रूकट विंध्य के उत्तरार्द्ध में स्थित शांत क्षेत्र रहा है। मगर अब नहीं है। हर माह की […]
Read moreचित्रकूटः मंदाकिनी का रौद्र रूप, तपोभूमि के किनारे डूब गए हमारे सपने
मुकुंद/अभिमन्यु, चित्रकूट आपदा अध्ययन केंद्र #चित्रकूट के रामघाट पर आज सन्नाटा है। वह सन्नाटा जो आरती की भीड़, मंत्रों की गूंज और भक्तों के चरणों […]
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